संक्षिप्त सारांश
सारांश
उद्देश्य:
लिंग कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण के संयोजन में Shaeer की पंच तकनीक का उपयोग करके ट्रांस-कॉर्पोरल प्लाक डीबल्किंग की सुरक्षा, प्रभावकारिता और परिणामों का मूल्यांकन करना।
मुख्य निष्कर्ष:
पंच समूह में न्यूरोवास्कुलर या मूत्रमार्ग की चोट के बिना पूर्ण वक्रता सुधार हुआ और शल्य चिकित्सा समय काफी कम रहा। सभी मामलों में पश्चात-ऑपरेशन संवेदनशीलता संरक्षित रही, जिसमें एक्सिज़न-ग्राफ्टिंग समूह की तुलना में कम संक्रमण दर और लिंग लंबाई से उच्च संतुष्टि थी।
निष्कर्ष:
Shaeer की पंच तकनीक पेरोनी रोग के लिए लिंग कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण कराने वाले रोगियों में पारंपरिक प्लाक एक्सिज़न विधियों का एक सुरक्षित, तेज़ और कम आक्रामक विकल्प प्रदान करती है।
नैदानिक प्रासंगिकता:
यह तकनीक शल्य चिकित्सा समय कम करती है, लिंग संवेदनशीलता को संरक्षित करती है, और जटिलता जोखिमों को न्यूनतम करती है, जो कृत्रिम अंग की आवश्यकता वाले जटिल पेरोनी मामलों के लिए एक व्यवहार्य दृष्टिकोण प्रदान करती है।
कीवर्ड
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