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पेरोनी रोग के लिए नॉन-डीग्लोविंग दृष्टिकोण के माध्यम से स्लाइडिंग तकनीक: 2-शल्य चिकित्सक अनुभव

लेखक:
पत्रिका
The Journal of Sexual Medicine
वर्ष

संक्षिप्त सारांश

यह पूर्वव्यापी अध्ययन स्तंभन दोष के साथ पेरोनी रोग में लिंग लंबाई बहाली के लिए एक नवीन नॉन-डीग्लोविंग स्लाइडिंग तकनीक (ST) का वर्णन करता है। विधि ने न्यूनतम जटिलताओं के साथ प्रभावी वक्रता सुधार और लंबाई वृद्धि का प्रदर्शन किया। Rigi10™ के लिए प्रासंगिक।

सारांश

उद्देश्य:

गंभीर पेरोनी रोग और स्तंभन दोष वाले रोगियों में लिंग कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण के लिए स्लाइडिंग तकनीक में एक नॉन-डीग्लोविंग शल्य चिकित्सा दृष्टिकोण प्रस्तुत करना, जिसका लक्ष्य इस्केमिक जोखिम को कम करना है।

मुख्य निष्कर्ष:

उपचारित 39 रोगियों में से 11 ने स्लाइडिंग तकनीक का उपयोग किया, जिनमें से 9 ने नॉन-डीग्लोविंग वेंट्रल चीरे का उपयोग किया। इस दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप औसत लिंग लंबाई वृद्धि 2.47 सेमी हुई, न्यूनतम अवशिष्ट वक्रता और कोई संवहनी जटिलताएँ रिपोर्ट नहीं हुईं।

निष्कर्ष:

स्लाइडिंग तकनीक के लिए नॉन-डीग्लोविंग दृष्टिकोण गंभीर पेरोनी रोग और स्तंभन दोष वाले रोगियों के लिए एक व्यवहार्य विकल्प है, जो शल्य चिकित्सा प्रभावशीलता बनाए रखते हुए इस्केमिक जटिलताओं को संभावित रूप से कम करता है।</p>

नैदानिक प्रासंगिकता:

यह अध्ययन नॉन-डीग्लोविंग विधि को लिंग कृत्रिम अंग प्रक्रियाओं में एक सुरक्षित शल्य चिकित्सा विकल्प के रूप में समर्थन करता है, जो लिंग लंबाई बहाली और ग्लान्स इस्केमिया के कम जोखिम दोनों प्रदान करता है।

This publication is available through the external link above. See the abstract for a summary of the research.